*पूजा पंडाल में मौत का खूनी खेल! जहरीले नाग ने पिता-पुत्र को डसा, दोनों की मौत से मचा कोहराम
*पूजा पंडाल में मौत का खूनी खेल! जहरीले नाग ने पिता-पुत्र को डसा, दोनों की मौत से मचा कोहराम

*पूजा पंडाल में मौत का खूनी खेल! जहरीले नाग ने पिता-पुत्र को डसा, दोनों की मौत से मचा कोहराम
*बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र के मुनककीपुरवा गांव में सांप का करतब दिखाना पड़ा भारी, नाग के डसने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत*
बाराबंकी। पूजा पंडाल में लोगों के सामने जहरीले नाग का तमाशा दिखाने की कोशिश एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गई। काले नाग के साथ करतब दिखा रहे 26 वर्षीय नौमीलाल को सांप ने डस लिया। बेटे को बचाने के लिए आगे आए पिता महेश भी नाग के शिकार हो गए। देखते ही देखते खुशियों और पूजा-पाठ का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। उपचार के दौरान पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई। एक ही हादसे में परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से घर में कोहराम मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, बाराबंकी के मुनककीपुरवा गांव निवासी महेश और उनका बेटा नौमीलाल सांप पकड़ने के शौकीन थे। रविवार रात नौमीलाल काले नाग को लेकर पूजा पंडाल पहुंचा था। वहां लोगों के सामने सांप का तमाशा दिखाते समय उसने उसके जहरीले दांत तोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान नाग ने मौका पाकर नौमीलाल के पैर में डस लिया।
बेटे को तड़पता देख पिता महेश उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन सांप ने उन्हें भी डस लिया। एक पल में तमाशा मातम में बदल गया। परिजन दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां नौमीलाल को 20 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन दिए गए। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया। बताया गया कि उसकी आंखों की रोशनी चली गई और बोलना भी बंद हो गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं, पिता महेश की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
एक ही परिवार के दो चिराग बुझने से मातम
जिस पिता ने बेटे को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी, वही पिता भी मौत के मुंह में समा गया। पिता-पुत्र की एक साथ मौत की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में शोक का माहौल है।
यह हादसा गंभीर चेतावनी है कि जहरीले सांप के साथ करतब दिखाना या उसके दांत तोड़ने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में सांप से दूरी बनाए रखना और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है।
*फिलहाल इंडिया एक्शन न्यूज से संवाददाता हरिगोविंद की खास रिपोर्ट*




